Month: November 2020

लघु कथाओं के रंग – महिमा श्रीवास्तव के संग

सुलगते आँसू ऑफिस पहुँचकर मानसी ने घडी देखी और चैन की साँस ली। समय के पहले ही आ गयी थी...

कहानी : जंग जिंदगी की

सुनीता माहेश्वरी रात के ढाई बजे थे, पर उनसठ वर्षीय डॉ. अनूप माहेश्वरी की आँखों में नींद नहीं थी | उनके मन में उथल-पुथल सी मची...

इतिहास से अदृश्य स्त्रियाँ

डॉक्टर कुसुम त्रिपाठी महादेवी वर्मा ने ठीक ही लिखा है, "युगों के अनवरल प्रवाह में बड़े-बड़े साम्राज्य बाह गये, संस्कृतियाँ लुप्त हो...

श्रीलंका: जहाँ रावण मुखौटों में ज़िन्दा है

संतोष श्रीवास्तव अभी कल ही कविता की चार पंक्तियाँ दिमाग में आई थीं- सीता तुम लोकगीतों में हो| राम धर्म में...